उठो पथिक! हे चलो पथिक! है जीवन लक्ष्य को पाना ।
लंबा है पथ, दूर लक्ष्य है, दूर बहुत है जाना ॥
पग-पग चलना सीख लिया तो बस चलते ही जाना ।
ऊबड़-खाबड़ सीधा-टेढ़ा पथ तो पथ चलते ही जाना ॥
ऊबड़-खाबड़ सीधा-टेढ़ा पथ तो पथ चलते ही जाना ॥
ठोकर लगे तो संभलो पल भर पर रुक कभी न जाना ।
उठते-गिरते, गिरते-उठते चलते जाना चलते जाना ॥
उठते-गिरते, गिरते-उठते चलते जाना चलते जाना ॥
एक-एक कर सब पथिकों का साथ छूट है जाना ।
अंत-समय पर अंत-लक्ष्य तक तुमको स्वयं है जाना ॥
अंत-समय पर अंत-लक्ष्य तक तुमको स्वयं है जाना ॥
